अक्षय तृतीया
अक्षय तृतीया क्या है -अक्षय का अर्थ है जिसका कभी क्षय न हो। अक्षय तृतीया वैशाख मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है। इस दिन बसंत ऋतु का अंत और ग्रीष्म ऋतु का आगमन प्रारंभ होता है। अक्षय तृतीया का सर्वसिद्ध मुहूर्त के रूप में भी विशेष महत्व है जैसे होली, दीवाली, जन्माष्टमी और शिवरात्री को हिन्दू धर्म में विशेष माना जाता है वैसे ही अक्षय तृतीया भी एक विशेष मुहूर्त है जिसमें बिना कोई पञ्चाङ्ग देखे कोई भी शुभ व मांगलिक कार्य संपन्न किये जाते हैं जैसे:- #विवाह संस्कार ➤ विवाह संस्कार संपन्न करना ➤ कोई भी शुभ व नए काम की शुरुवात करना। ➤ कोई नया व्यापार आरंभ करना। ➤ सोना, चांदी, रत्न और आभूषण आदि खरीदना। ➤ गाडी, वाहन, मोबाइल व कीमती वस्तुएँ लाना। ➤ घर, जमीन खरीदना या ग्रह प्रवेश करना। ➤ घर मैं कोई शुभ धार्मिक कार्य करना। ➤ दान दक्षिणा अदि करना, भूखे को भोजन देना। ➤ नदियां में स्नान करना। ➤ ब्राह्मणो को भोजन करवाना। दान दक्षिणा देना। अक्षय तृतीया का मु...