Sulemani Hakik The Mystical Gem Stone


 Sulemani Hakik
ईश्वर ने हमको हमारी इस प्रकृति में हमें प्राकृतिक सुरक्षा देने के लिए कई ऐसी चीजें प्रदान की है जिनका वास्तविक मूल्य तो बहुत कम है परन्तु जिनका लाभ हमको इतना ज्यादा है कि कई बार लाखों रुपए खर्च करने क बाद भी उतना लाभ हम को नहीं मिलता। सुलेमानी हकीक भी एक ऐसा ही नायब प्राकृतिक तोहफा है जो की ईरान की खादानो से लाया जाता है। यह बहुत खूबसूरत दिखने वाला एक उपरतन है तथा यह एक बहुत ही लाभकारी और चमत्कारी या यूं कहा जाए की रहस्यमयी असाधारण पत्थर है जिसको की उपरत्नो में उच्च का स्थान प्राप्त है। यह एक चमकदार सफ़ेद धारीदार काला पत्थर है। हमारे शास्त्रों में बहुत से रत्नो का उल्लेख मिलता है, सुलेमानी हकीक भी उन में से एक है। सुलेमानी हकीक एक ऐसा सेमि प्रिशियस जेम स्टोन है जो की कई बार कीमती रत्नो से भी ज्यादा प्रभावशाली सिद्ध होता है। यह अत्यंत शुभ होने के साथ साथ मनुष्य को मुश्किल समय में सहायक होता है।  

प्राचीन समय में राजा महाराजाओं के पास सुलेमानी घोड़े हुआ करते थे।  सुलेमानी का अर्थ है काले रंग के खूबसूरत धरातल वाले घोड़े पर सफ़ेद धारी या सफ़ेद रंग का घोड़ा और उस की काली आंखे। ऐसे ही सुलेमानी हकीक काळा रंग का पत्थर जिस के ऊपर एक या एक से ज्यादा सफ़ेद सफ़ेद धारी उभरी हुई हो, उस को ही मानना चाहिए। यह दिखने में बहुत ही खूबसूरत होता है। यह पारदर्शी होता है जिस से कि सूर्य की रौशनी आर पार होती हो। इसका मूल्य बहुत ज्यादा नहीं होता परन्तु इसकी गुणवन्ता के आधार पर यह एक अत्यंत मूल्यवान प्रभावशाली एवं चमत्कारी उपरत्न है।

सुलेमानी हकीक को मुस्लिम तथा हिन्दू दोनों समुदाय के लोग पहनना पसंद करते हैं। मुस्लिम इसको तिलस्मी विद्या से तथा हिन्दू इसको तंत्र विद्या से भी सिद्ध करते हैं। भगवान् शिव, माँ कालिका देवी तथा माँ लक्ष्मी देवी का सुलेमानी हकीक पर आशीर्वाद होता है। सुलेमानी हकीक को आप अपने पूजा घर में रख कर रोज इसका चन्दन से तिलक करें। इसको चांदी में मड़वा कर मध्यमा अंगुली में अंगूठी या काले धागे में डाल कर चांदी के लॉकेट में पहना जाता है। कलाई में इसको ब्रेसलेट में पहना जा सकता है। इसकी माला गले में धारण की जाती है। इसको चांदी में मढ़वा कर आप अपनी पॉकेट में भी रख सकते हैं। इसको कोई भी मनुष्य बिना किसी को अपनी कुंडली दिखाए पहन सकता है। यदि लगातार इसको आप अपने पास  या आसपास रखते है तो इसका प्रभाव आपके  ऊपर इतना बहुत बढ़ जाता है कि यह आप के  शरीर को काटने से बचता है।  इसके चमत्कार को यहाँ तक भी माना गया है कि यह प्राकृतिक आपदाओं जैसे बिजली गिरना आदि से भी सुरक्षा प्रधान करता है। यह करंट लगने से तथा आस्मिक दुर्घटनाओ से भी बचता है तथा माँ कलिका देवी का आशीर्वाद होने के कारण यह दुश्मनो से रक्षा करता है। माँ लक्ष्मी देवी का आशीर्वाद होने से यह धन की वृद्धि कर सुख ऐश्वर्य प्रदान करता है। 

जिन जातको की कुंडली में शनि , राहु , केतु  के अशुभ प्रभाव दिखाई दे रहे हों तो उन को यह रतन पहनना चाहिए। यह शनि , राहु, केतु ग्रहो से होने वाले अशुभ प्रभाव एवं दोषो को रोकता है। जिन लोगो की औरा नाकारात्मक ऊर्जा की वाली होती है , या यूं समझा  जाए कि  जो लोग अक्सर बिमारी से ग्रसित रहते है , जिनको लम्बी  बिमारी से छुटकारा नहीं मिल रहा हो , जिनको दवा असर  नहीं करती ,  जिनका किसी भी काम में मन नहीं लगता , या उदासी से घिरे रहते हैं  , बुरे विचार आ रहे हो उनको सुलेमानी हकीक पहनना चाहिए। जिन लोगो को रात को नींद नहीं आती या वो रोज नींद की गोली खाते हैं उनको सुलेमानी हकीक पहनना चाहिए।  जिन का शरीर दुर्बल हो गया हो तथा शरीर में ऊर्जा का संचार ठीक से न होता हो उन को सुलेमानी हकीक धारण करना चाहिए। ऐसे  लोगो का औरा साकारात्मक होगा और शरीर को बल मिलेगा।  दूसरे आपके प्रति आकर्षित होंगें तथा मानसिक तनाव दूर होगा। सुलेमानी हकीक हदय रोग , किडनी के रोग और आँखों के रोग भी दूर करता है तथा हदय, किडनी तथा आँखों को स्वस्थ करने में बहुत ही लाभकारी है सुलेमानी हकीक। इसको धारण करने से कोई भी हानि नहीं होती। 

भूत प्रेत से अगर कोई परेशान हो  या अगर किसी को ऐसा लगता है की उस के  ऊपर कोई जादू टूना किया गया है या फिर किसी की बुरी नज़र लगी हो अथवा घर में अजीब अजीब सा महसूस होता हो जैसे ऊपरी हवा का कोई प्रभाव हो तो वहाँ पर सुलेमानी हकीक का उपयोग रामबाण सिद्ध होता है। ऐसे घर में  किसी उपयुक्त स्थान पर सुलेमानी हकीक रखना चाहिए लाभ होगा। सभी कार्यो में आ रही अड़चन दूर होंगी। 

सुलेमानी हकीक को पहने से पहले इसका शुद्धिकरण करना बहुत अनिवार्य है।  शनिवार के दिन शाम को सूरज ढलने के बाद सबसे पहले इसको एक बर्तन में रख कर इसको गोमूत्र में डालें।  फिर शुद्ध जल से साफ़ करें। फिर सुलेमानी हकीक को कच्चे दूध में डालें। फिर इस रतन को गंगा जल से स्वच्छ करें। फिर इसको धुप, लुवान या सुगन्धि देकर शनि मंत्र का जप करें या माँ कलिका देवी का  मंत्र का जप करने के बाद इसे धारण कर सकते हैं।

माँ कलिका देवी मंत्र    :ॐ ऐं ह्रीं क्लीम चामुण्डायै विच्चै 
शनि देव मंत्र               :ॐ शं शनैश्चराय नमः 
                 author                         
                                           Soniya Kataria
+91 - 9971730055

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