रुद्राक्ष शुद्धि
रुद्राक्ष धारण करने से पहले रुद्राक्ष की शुद्धि होना बहुत अनिवार्य है। स्नान करने के बाद सफ़ेद रंग के स्वच्छ वस्त्र धारण करें के बाद भगवान् शिव के समक्ष दीपक प्रज्वलित करे तथा सुगंधि करे सोमवार का दिन, प्रदोषकाल में रुद्राक्ष धारण करने का उत्तम समय है।
रुद्राक्ष को सबसे पहले गंगा जल से शुद्ध करे तथा एक चाँदी की थाली मेँ रखें । गणपति जी को नमस्कार करते हुए भगवान् शिव का ध्यान करें तथा हृदय में भाव करके रुद्राक्ष मे भगवान् शिव का आवाहन करें।
मंत्र :”ॐ नमः शंभवाय च , मयोभवाय च । नमः शंकराय च मयस्कराय च । नमः शिवाय च शिवतराय च ।।”
ॐ श्री भगवते साम्बसदाशिवाय नमः
भगवान् शिव रुपी रुद्राक्ष को गंगाजल अर्पण करें।
मंत्र :ॐ श्री भगवते साम्बसदाशिवाय नमः आचमनीयं स्नानानियम जलं समर्पयामि।
चांदी के कटोरे मे पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल) बनाये व भगवान् शिव रुपी रुद्राक्ष को पंचामृत से स्नान करवायें । फिर से रद्राक्ष को गंगाजल से शुद्ध स्नान करवायें ।
मंत्र :ॐ श्री भगवते साम्बसदाशिवाय नमः पंचामृत स्नानं समर्पयामि। शुध्दोदक स्नानं समर्पयामि।
भगवान् शिव रुपी रुद्राक्ष को सुगन्धित तेल से स्नान करवाये। फिर से रद्राक्ष को गंगाजल से शुद्ध स्नान करवाये।
मंत्र :श्री भगवते साम्बसदाशिवाय नमः सुगंधित तेलं स्नानं समर्पयामि। शुध्दोदक स्नानं समर्पयामि।
भगवान् शिव रुपी रुद्राक्ष को वस्त्र समर्पित करें।
मंत्र :ॐ श्री भगवते साम्बसदाशिवाय नमः वस्त्रं समर्पयामि।
भगवान् शिव रुपी रुद्राक्ष को चन्दन का तिलक समर्पित करें।
मंत्र :ॐ श्री भगवते साम्बसदाशिवाय नमः चन्दनं समर्पयामि।
भगवान् शिव रुपी रुद्राक्ष को अक्षत (चावल) समर्पित करें।
मंत्र: ॐ श्री भगवते साम्बसदाशिवाय नमः अक्षतान समर्पयामि।
भगवान् शिव रुपी रुद्राक्ष को पुष्पमाला समर्पित करें।
मंत्र :ॐ श्री भगवते साम्बसदाशिवाय नमः पुष्पमालां समर्पयामि।
भगवान् शिव रुपी रुद्राक्ष को बिल्वपत्र अर्पण करें।
मंत्र:ॐ श्री भगवते साम्बसदाशिवाय नमः बिल्वपत्रं समर्पयामि।
भगवान् शिव रुपी रुद्राक्ष को सुगंंधित धूप अर्पण करें।
मंत्र :ॐ श्री भगवते साम्बसदाशिवाय नमः धूपं आघ्रापयामि।
भगवान् शिव रुपी रुद्राक्ष को दीपक दिखाएं।
मंत्र :ॐ श्री भगवते साम्बसदाशिवाय नमः दीपम दर्शयामि।
भगवान् शिव रुपी रुद्राक्ष को नैवेद्य अर्पित करे।
मंत्र : ॐ श्री भगवते साम्बसदाशिवाय नमः नैवेद्यं समर्पयामि।
भगवान् शिव रुपी रुद्राक्ष को ऋतुफल अर्पित करें।
मंत्र: ॐ श्री भगवते साम्बसदाशिवाय नमः ऋतुफलं समर्पयामि।
भगवान् शिव रुपी रुद्राक्ष को ताम्बूल (पानपत्र, लौंग, सुपारी, इलायची,मिश्री ) अर्पित करें।
मंत्र :ॐ श्री भगवते साम्बसदाशिवाय नमः ताम्बूलं समर्पयामि।
भगवान् शिव रुपी रुद्राक्ष को दक्षिणा अर्पित करें।
मंत्र : ॐ श्री भगवते साम्बसदाशिवाय नमः दक्षिणां समर्पयामि।
भगवान् शिव का पंचाक्षरी मंत्र का जाप करें नमस्कार तथा ध्यान करें।अब रुद्राक्ष को धारण कर सकते हैं अथवा पूजा घर में भी रखा जा सकता है।



Valuable blog thanku dear it is indeed very much important to know these things before we wear such a precious beads.
ReplyDeleteThanks
DeleteIts really good ur the best
ReplyDeleteThanks for your blessings
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